कटघोरा में महिला का नहाते हुए वीडियो बनाने का आरोप, वार्ड में आक्रोश,,पुरानी बस्ती में शर्मनाक हरकत की शिकायत से मचा हड़कंप, पीड़िता ने दिखाई हिम्मत तो पहुंची थाने—पुलिस की कार्रवाई, मोबाइल की डिजिटल जांच पर नजर

दैनिक लल्लनगुरू न्यूज़ | कटघोरा
सनसनीखेज / अपराध कोरबा। कटघोरा थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती, वार्ड क्रमांक 11 से महिला की निजता और सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। एक विवाहिता ने पड़ोस में रहने वाले उबैद हसन उर्फ उबैद खान, उम्र लगभग 35 वर्ष, पर आरोप लगाया है कि जब वह अपने घर में स्नान कर रही थी, तब आरोपी द्वारा दीवार/खिड़की की ओर से ताक-झांक करते हुए उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाने का प्रयास किया गया। महिला की नजर पड़ने के बाद उसने विरोध किया और शोर मचाया। इसके बाद परिजनों के साथ कटघोरा थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी गई।
महिला ने चुप रहने के बजाय थाने पहुंचकर दिखाई हिम्मत

इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पीड़िता ने कथित घटना को दबाने के बजाय पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराने का रास्ता चुना। महिलाओं की निजता से जुड़ी ऐसी घटनाओं में शिकायत दर्ज कराने में अक्सर सामाजिक दबाव सामने आता है, लेकिन इस मामले में महिला ने सामने आकर कार्रवाई की मांग की है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित वीडियो वास्तव में बनाया गया था या नहीं और यदि बनाया गया तो वह मोबाइल में सुरक्षित है या नहीं।
पुलिस की कार्रवाई, आगे डिजिटल जांच पर टिकी नजर

शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की और उसे कार्यपालक दंडाधिकारी/तहसीलदार न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने की जानकारी सामने आई है, जहां से मुचलके पर छोड़े जाने की बात कही गई है। वहीं शिकायत में लगाए गए मूल आरोपों की जांच अलग से महत्वपूर्ण है। पुलिस द्वारा मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच किए जाने की स्थिति में कथित वीडियो, उसकी मौजूदगी, निर्माण अथवा प्रसारण से जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं।
महिला की निजता भंग करने जैसे आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की लागू धाराएं तथ्यों और जांच के निष्कर्ष के आधार पर महत्वपूर्ण हो सकती हैं। इसलिए अब सवाल सिर्फ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी है कि शिकायत में लगाए गए मूल आरोपों पर पुलिस जांच किस निष्कर्ष तक पहुंचती है।

वार्ड में नाराजगी, लोगों ने कहा—ऐसे मामलों को हल्के में न लिया जाए
घटना की जानकारी सामने आने के बाद वार्ड क्रमांक 11 में नाराजगी का माहौल बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि महिलाओं की निजता से जुड़ी कथित घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और जांच पूरी निष्पक्षता से होनी चाहिए। लोगों ने महिलाओं और परिवारों से भी सतर्क रहने की अपील की है।
स्थानीय स्तर पर आरोपी के संबंध में तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं, लेकिन किसी व्यक्ति को ‘आदतन अपराधी’ कहना तभी उचित होगा जब उसके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि हो। इसलिए पुलिस रिकॉर्ड और न्यायालयीन दस्तावेज इस मामले में महत्वपूर्ण होंगे।
अब असली सवाल—क्या कथित वीडियो मिला?
इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम कड़ी मोबाइल और डिजिटल साक्ष्य हैं। यदि पुलिस को शिकायत के अनुरूप कोई आपत्तिजनक वीडियो मिलता है, तो उसकी फॉरेंसिक जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वीडियो कब और कैसे बनाया गया तथा उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ या प्रसारण हुआ है या नहीं। दूसरी ओर, यदि ऐसा कोई डिजिटल साक्ष्य नहीं मिलता, तो जांच के अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पुलिस को निष्कर्ष तक पहुंचना होगा।
महिलाओं की निजता से खिलवाड़ पर सख्त संदेश जरूरी
कटघोरा की यह शिकायत केवल एक परिवार का मामला नहीं है। यदि जांच में महिला द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह महिलाओं की निजता और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय होगा। ऐसे मामलों में कानून अपना काम करे और तथ्य सामने आएं—यही सबसे जरूरी है।
दैनिक लल्लनगुरू न्यूज़ की अपील: महिलाओं अथवा किसी भी व्यक्ति की निजी तस्वीर या वीडियो को बिना अनुमति बनाना, रखना अथवा प्रसारित करना गंभीर कानूनी परिणाम पैदा कर सकता है। किसी कथित आपत्तिजनक वीडियो को आगे भेजने या सोशल मीडिया पर साझा करने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें।
सावधान रहें। सुरक्षित रहें। शिकायत करने से न डरें।
दैनिक लल्लनगुरू न्यूज़ — कटघोरा
यो या उसका स्क्रीनशॉट प्रकाशित न करें।









